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The Blame Game Obstructs the Path to NPT 50th Anniversary - HINDI

दोषारोपण ने NPT की 50वी वर्षगाँठ के मार्ग को अवरुद्ध किया

तारीक राउफ का परिप्रेक्ष्य

फोटो: वर्ष 2020 की नॉन-प्रोलिफरेशन ऑफ नुक्लीयर वेपन्स (NPT) रिव्यु कॉन्फेरेंस के लिए तृतीय प्रारंभिक समिति के अध्यक्ष, सैयद हस्रिन सैयद हुस्सिन, ने वर्ष 2020 की रिव्यु कॉन्फेरेंस से पहले के तृतीय एवं अंतिम सत्र की समाप्ति पर संवाददाताओं को सूचित किया। 10 मई 2019। यूएन मुख्यालय, न्यू यॉर्क।

तारीक राउफ इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) NPT प्रतिनिधि-मंडल 2002-2010 के वैकल्पिक अध्यक्ष थे, और वे 1987 से लेकर 2019 तक एक आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में NPT की सभी बैठकों में उपस्थित रहे हैं। यहाँ व्यक्तिगत विचारों को अभिव्यक्त किया गया है। उनके पूर्ववर्ती लेखों हेतु यहाँ क्लिक करें

न्यू यॉर्क (IDN) पाँच न्यूक्लीयर-वेपन स्टेट्स (NWS) पक्षों, उनके मित्रराष्ट्रों सहित, और अधिकतर नॉन-न्यूक्लीयर-वेपन स्टेट्स के बीच, परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर विरोध और मतभेद के अतिरिक्त मध्य-पूर्व के क्षेत्र में जन-समूह की हानि करने वाले परमाणु एवं अन्य हथियारों से मुक्त क्षेत्र (MEWMDFZ) को स्थापित करने से संबंधित एक विवादास्पद मुद्दा।

वर्ष 1995 की ट्रीटी ऑन द नॉन-प्रोलिफरेशन ऑफ न्यूक्लीयर वेपन्स (NPT) रिव्यु एंड एक्सटेंशन कॉन्फेरेंस में, भविष्य में इस संधि को आगे बढ़ाने के बारे में निर्णय लिया जाना था। अरब समूह के देशों और ईरान का समर्थन प्राप्त करने के लिए, NPT के तीन न्यासधारी देशों – रूस (यूएसएसआर), यूके और अमेरिका ने मिलकर MEWMDFZ पर एक प्रस्ताव को प्रायोजित किया, जो NPT को असीमित विस्तार प्रदान कर सकने वाले अंतर-बद्ध पैकेज का एक अभिन्न हिस्सा बन गया।

वर्ष 2000 की NPT रिव्यु कॉन्फेरेंस ने इज़राइल का नाम लेकर एक गैर-परमाणु-हथियार संपन्न राष्ट्र के रूप में और 1995 के प्रस्ताव के क्रियान्वयन हेतु NPT में सम्मिलित होने के लिए इज़राइल का आह्वान किया। वर्ष 2010 की NPT रिव्यु कॉन्फेरेंस ने इस क्षेत्र के संबंध में 2012 तक एक क्षेत्रीय सम्मलेन आयोजित करने का अधिदेश जारी किया; यद्यपि, इसने एकमत से उस सम्मलेन को स्थगित कर दिया जिसकी अरब के देशों, ईरान, रूस और नॉन-अलाइन्ड स्टेट्स (NAM) के समूह ने आलोचना की।

वर्ष 2015 की NPT रिव्यु कॉन्फेरेंस तब विफल हो गई जब संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के तत्वावधान के अंतर्गत 2016 तक ऐसे किसी सम्मेलन का आयोजन करने के एक प्रस्ताव पर अमेरिका के बाद कैनडा और यूके के द्वारा वीटो करके रोक लगा दी गई।

वर्ष 2018 में, आम सभा ने वर्ष 2019 की समाप्ति से पहले MEWMDFZ सम्मलेन आयोजित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को अधिकार देने वाले एक निर्णय को मत के द्वारा अंगीकृत किया। PrepCom में प्रसारित अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, कथित तौर पर ऐसे किसी सम्मलेन के आयोजन को रोकने के लिए परदे के पीछे कुछ पश्चिमी देश काम रहे हैं, किन्तु यह ज्ञात है कि कुछ देश अरब देशों के द्वारा आगे बढ़ाए गए प्रस्तावों के विरुद्ध हैं।

सामान्य रूप से, अमेरिका के नेतृत्व में, पश्चिमी समूह और EU के देशों ने, ऐसे किसी सम्मलेन में इज़राइल पर उपस्थित रहने के लिए दबाव डालने का विरोध किया है जिसके कारण अरब देशों, ईरान और NAM की ओर से नाख़ुशी और क्रोध ज़ाहिर किया गया। इस मुद्दे के कारण एक बार फिर से वर्ष 2019 की NPT PrepCom में समझौता नहीं हो पाया। अब अरब समूह के कुछ सदस्यों, और ईरान व सीरिया के सहित भी, के बीच गंभीर मतभेद होने के बावजूद; फिर भी MEWMDFZ के मुद्दे पर यह समूह एक सर्वनिष्ठ स्थिति पर एक साथ आ जाता है।

पिछले कुछ वर्षों के दौरान अंतरराष्ट्रीय संबंधों में यथार्थ रूप से आई गिरावट के चलते, इसमे कोई आश्चर्य नहीं है कि NPT की समीक्षा प्रक्रिया के जरिये परमाणु निरस्त्रीकरण को आगे बढ़ाने के लिए अधिकतर नॉन-NWS की अक्षमता और निःशक्तता को लेकर क्लान्ति एवं निराशा में वृद्धि हो रही है।

इसके परिणामस्वरूप, कई राजनीतिज्ञ और अनुसंधान संस्थान विशेषज्ञ, बिगड़ते राजनीतिक संबंधों, सख्त रुखों, लचीलेपन के आभाव, समझौते के लिए विचार-विमर्श की कुशलताओं में कमी और अधिक सशक्त समीक्षा प्रक्रिया के परिष्करण के बारे में बढ़ती अनभिज्ञता के नुकसानदेह प्रभावों को नज़रअंदाज़ करते हुए, इस समीक्षा प्रक्रिया की प्रभावोत्पादकता पर जोर-शोर से हमला कर रहे हैं।

NPT रिव्यु कॉन्फेरेंसेज़ को कभी भी ना तो परमाणु हथियारों के संबंध में वैधानिक रूप से बाध्य करने वाली संधियों या करारों पर विचार-विमर्श करने के लिए, IAEA संरक्षण नियमों हेतु परमाणु सत्यापन सबंधी उपायों के लिए, ना ही बड़े अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक वाद-विवादों पर लड़ने और मुख्यतया नॉन-NWS के द्वारा IAEA के संरक्षण नियमों की ‘अनुपालना’ से संबंधित मतभेदों को सुलझाने के लिए फोरम का काम करने के लिए तैयार किया गया था।

विशिष्ट रूप से 2014 से, संवाद में शिष्टाचार एवं आदर की कमी, राजनीतिक इच्छाशक्ति और NPT के समर्थन में एक सर्वनिष्ठ आधार को विकसित करने की क्षमता के अभाव, NPT की समीक्षा प्रक्रिया के अंतर्गत सहमत कदमों एवं कार्यों से पीछे हटने, एक कथित “नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था” के संरक्षण का खुल्लमखुल्ला प्रचार करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अवहेलना करने, और NPT की अखंडता एवं प्राधिकार का सशक्तिकरण करने के लिए हाथ मिलाने हेतु राष्ट्र पक्षों की अक्षमता के लिए समीक्षा की प्रक्रिया पर दोषारोपण करने के कारण NPT की समीक्षा प्रक्रिया नष्ट एवं क्षय हो रही है।

जैसे की टाइटैनिक के डेक पर गाने बजाने वाला बैंड उसे डूबने से नहीं बचा सका, वैसे ही राजनीतिज्ञ अपने रुखों पर अड़े रहकर NPT की अधिक सशक्त समीक्षा प्रक्रिया का नियमित रूप से अवमूल्यन करने की आदत को बदलने में अक्षम एवं अनिच्छुक हैं, NPT का संरक्षण करने की रूचि में सर्वनिष्ठ आधार खोजने हेतु अनिच्छुक हैं, और 1995, 2000 और 2010 की NPT रिव्यु कॉन्फेरेंसेज़ के यथोचित दिशा-निर्देशों को लागू करने में पूर्णतया विफल रहे हैं।

रिव्यु कॉन्फेरेंस के लिए सुझावों से युक्त एक रिपोर्ट तैयार करने हेतु PrepCom के तृतीय एवं अंतिम सत्र के अधिदेश के अनुरूप, अध्यक्ष, राजदूत सैयद मोहमद हस्किन (मलेशिया के), ने 3 मई को प्रतिनिधि-मंडलों के पास अपने मसौदे की रिपोर्ट पहुँचाई। ड्राफ्ट के सुझावों, जो कुल मिलाकर, अन्य बातों के साथ-साथ, तुलनात्मक रूप से संतुलित थे और मोटे तौर पर राष्ट्रों के विचारों को प्रतिबिंबित करते थे, में शामिल हैं:

  • संधि के प्रावधानों को पूर्ण रूप से लागू करने को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता का पुनः पुष्टिकरण, इसके साथ-साथ 1995 NPTREC, 2000 और 2010 की रिव्यु कॉन्फेरेंसेज़ की पूर्ववर्ती प्रतिबद्धताओं का पुनः पुष्टिकरण;
  • नए प्रकार के परमाणु हथियारों के विकास को रोकने, और मौजूदा परमाणु हथियारों में गुणात्मक सुधारों को करने से बचने, और सभी सैन्य व सुरक्षा सिद्धांतों, वादों और नीतियों में परमाणु हथियारों की भूमिका एवं महत्ता को और अधिक कम करने के लिए परमाणु-हथियार संपन्न राष्ट्रों का आह्वान;
  • कॉम्प्रीहेंसिव न्यूक्लीयर-टेस्ट-बैन ट्रीटी (CTBT) और परमाणु परीक्षण हेतु किए जाने वाले विस्फोटों पर विलंबित प्रतिबंध को वैधानिक रूप से यथाशीघ्र प्रभावी करने हेतु आह्वान;
  • मध्य पूर्व के संबंध में 1995 के प्रस्ताव के उद्देश्यों को पूर्ण रूप से लागू और क्रियान्वित करने की ओर प्रयास जारी रखना और मानव-समूह की हानि करने वाले परमाणु हथियारों एवं अन्य हथियारों से मुक्त मध्य पूर्व क्षेत्र का निर्माण करने हेतु एक बाध्यकारी संधि के संबंध में बातचीत करने हेतु वर्ष 2019 में आयोजित होने वाले सम्मलेन पर विचार करना;
  • जॉइंट कॉम्प्रीहेन्सिव प्लान ऑफ एक्शन (द ईरान डील) के क्रियान्वयन को जारी रखने हेतु मजबूत समर्थन हेतु आवाज़ उठाना; और
  • डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया पर पूर्ण रूप से, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय तरीके से सभी परमाणु हथियारों और वर्तमान परमाणु कार्यक्रमों को समाप्त करने हेतु दबाव बनाना।

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की वर्तमान गंभीर स्थिति और देशों के बीच में जारी लड़ाइयों के मद्देनज़र इसमे कोई आश्चर्य की बात नहीं थी कि, 8 और 9 मई को, जहाँ अध्यक्ष की मसौदा रिपोर्ट की ऊपरी तौर पर प्रशंसा की गई वहीं विभिन्न देशों की विभिन्न विशिष्ट प्रवृत्तियों के अनुरूप विचारों को पर्याप्त रूप से प्रतिबिंबित नहीं करने के लिए उसे सभी पक्षों की ओर से हमला झेलना पड़ा और दस्तावेज़ को “सुधारने” के लिए कई सुझाव दिए गए।

जैसा कि आम तौर पर होता है, 9 मई को संध्याकाल में सभी के पास एक संशोधित मसौदा पहुँचाया गया जिसमे परमाणु निरस्त्रीकरण से संबंधित पाठ्य अंश को और अधिक सशक्त बनाया गया, परमाणु हथियारों से मानवता पर होने वाले परिणामों का वर्णन किया गया, और गैर-परमाणु-हथियार संपन्न राष्ट्रों के रूप में NPT से जुड़ने हेतु भारत, इज़राइल और पकिस्तान का आह्वान किया गया।

अंतिम दिन, 10 मई, को लगभग अव्यवस्था की स्थिति बन गई क्योंकि एक देश के बाद दूसरे देश, अधिकतर पश्चिमी पक्ष, ने संशोधित मसौदे को स्वीकार करने योग्य नहीं होने के बारे में लेकर आलोचना की और ये देश फिर ये कहने लगे कि वे मूल मसौदे के आधार पर कार्य करने के लिए तैयार हैं, जिसे अब वे चमत्कारपूर्ण ढंग से या तो आगे बढ़ने का आधार मानने लगे या बिना परिवर्तन के अंगीकृत करने को तैयार हो गए!

दूसरी ओर, सभी नही लेकिन अधिकतर NAM राष्ट्रों ने संशोधित मसौदे की प्रशंसा की और इसकी कमियों के बावजूद इसे स्वीकार करने हेतु अपनी इच्छा जाहिर की। शिकायतें परमाणु निरस्त्रीकरण की भाषा, संरक्षण उपायों से संबंधित समझौतों के लिए अतिरिक्त वैधानिक नियमों, JCPOA और ईरान के द्वारा अनुपालन, वर्ष 2007 में परमाणु रिएक्टर के अघोषित निर्माण के संबंध में सीरिया के द्वारा NPT की अनुपालना नहीं करने, मध्य पूर्व, परमाणु सुरक्षा, उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार मुक्त करने और अन्य मुद्दों से संबंधित थीं।

यह ध्यान देने योग्य है कि अध्यक्ष ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन शिष्टता एवं विनोद के साथ किया तथा पूरे समय PrepCom के विश्वास को बनाए रखा, यद्यपि अंतिम दो दिनों के दौरान उनके भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया जब इस रिपोर्ट की परिचर्चा के अनुसार उनके मसौदे के सुझावों की कई देशों ने आलोचना की।

11:22 EST पर, न्यू यॉर्क में 10 मई को, वर्ष 2019 के NPT PrepCom के अध्यक्ष ने घोषणा की कि मूल एवं संशोधित दोनों मसौदों के सुझावों पर सर्वसम्मति के आभाव में, वे इन सुझावों को “वर्ष 2020 की NPT रिव्यु कॉन्फेरेंस के लिए अध्यक्ष के सुझावों” के रूप में प्रस्तुत करेंगे।

एक बार फिर से, वैश्विक परमाणु संचालन प्रणाली की आधारशिला के रूप में NPT के महत्व पर लगभग दो सप्ताह तक बड़बड़ाने और वर्ष 2020 में NPT की 50वी वर्षगाँठ के महत्व पर प्रकाश डालने के बाद NPT राष्ट्र निराशापूर्ण ढंग से सुझावों पर सहमत होने में विफल रहे। एक दक्ष सहभागी को कहीं अधिक कठोरतापूर्वक धीमी आवाज़ में यह फुसफुसाते हुए सुना गया कि कुछ राजनीतिज्ञों के मस्तिष्क का दायाँ एवं बायाँ भाग एक दूसरे से वियोजित थे और वे घातक वियोजन रोग के लक्षणों से पीड़ित थे! [IDN-InDepthNews – 21 मई 2019]

फोटो: वर्ष 2020 की नॉन-प्रोलिफरेशन ऑफ नुक्लीयर वेपन्स (NPT) रिव्यु कॉन्फेरेंस के लिए तृतीय प्रारंभिक समिति के अध्यक्ष, सैयद हस्रिन सैयद हुस्सिन, ने वर्ष 2020 की रिव्यु कॉन्फेरेंस से पहले के तृतीय एवं अंतिम सत्र की समाप्ति पर संवाददाताओं को सूचित किया। 10 मई 2019। यूएन मुख्यालय, न्यू यॉर्क।